Lyrics
[Intro]
श्री गणेशाय नमः, कथा सुनो मन लगाकर
एक दंत की मंगल गाथा, प्रेम से दीप जलाकर
[Verse 1]
कैलाश की चोटी पर, भोर हुई सुहानी
माता गौरी ने रची, अपने मन की निशानी
द्वार पे खड़ा बालक, आँखों में रखवाली
माँ की आज्ञा सबसे ऊपर, यही उसकी रखवाली
[Flute Answer]
[Chorus]
गणपति बप्पा, बुद्धि के दाता
राह दिखाओ, विघ्न हरता
पहले तुम्हें प्रणाम हमारा
तुमसे शुभ हो काज हमारा
[Verse 2]
शंकर लौटे द्वारे, बोले हटो किनारे
बालक बोला, माँ की आज्ञा, कैसे खोलूँ द्वारे
क्षण में रण छिड़ गया, गूँजे पर्वत सारे
कर्तव्य पर अडिग रहा वह, जग ने शीश उतारे
[Flute Answer]
[Chorus]
गणपति बप्पा, बुद्धि के दाता
राह दिखाओ, विघ्न हरता
पहले तुम्हें प्रणाम हमारा
तुमसे शुभ हो काज हमारा
[Verse 3]
माता का क्रोध जगा तो, काँपा सारा आकाश
देवों ने सिर झुकाकर, माँगा जीवन का प्रकाश
उत्तर दिशा से आया, गजराज का वरदान
हाथी-मुख धारण करके, फिर मुस्काया भगवान
[Bridge]
जिसने रोका द्वार कभी, वही बना द्वारों का मान
जिसने माँ की लाज रखी, उसका जग में ऊँचा नाम
ज्ञान मिले तो विनय रहे, बल मिले तो सेवा
गणपति की इस कथा में, छिपी जगत की मेवा
[Chorus]
गणपति बप्पा, बुद्धि के दाता
राह दिखाओ, विघ्न हरता
पहले तुम्हें प्रणाम हमारा
तुमसे शुभ हो काज हमारा
[Outro]
मोदक जैसी मीठी बोली, मन में रखो उजियारा
गणपति बप्पा मंगल मूर्ति, फिर आना हमारे द्वारा
Fast Facts
Total Views
0
Last Updated
Sep 14, 2026