Lyrics
Intro
नज़र मिली, कुछ ऐसा हुआ,
दिल मेरा मुझसे जुदा हुआ...
वो अजनबी थी, मगर यूँ लगा,
जैसे कोई अपना खोया मिला...
[Mukhda]
कुछ कहना था, कह ना सके,
नज़रें मिलीं, हम रह ना सके...
वो कौन थी, क्या नाम था,
दिल को मगर उसी से काम था...
[Hook]
क़सूर... बस इतना-सा था,
उसे देखा... और इश्क़ हुआ।
क़सूर... बस इतना-सा था,
दिल पहली दफ़ा यूँ बेवफ़ा हुआ।
उसे देखा... और इश्क़ हुआ,
हाँ, उसे देखा... और इश्क़ हुआ!
[Antara 1]
तेरी हँसी का असर हो गया,
दिल था मेरा, तेरा हो गया।
तूने देखा भी नहीं,
और ये दिल तेरा हो गया...
तेरे आने से कुछ यूँ हुआ,
जो न सोचा था, वो हो गया।
तू तो चली गई,
मगर दिल तेरा होकर रह गया...
[Hook]
क़सूर... बस इतना-सा था,
उसे देखा... और इश्क़ हुआ।
क़सूर... बस इतना-सा था,
दिल पहली दफ़ा यूँ बेवफ़ा हुआ।
उसे देखा... और इश्क़ हुआ,
हाँ, उसे देखा... और इश्क़ हुआ!
[Antara 2]
तेरी गलियों से गुज़रने लगा,
बिन वजह ही सँवरने लगा...
तू मिलेगी कभी तो कहीं,
दिल ये ख़्वाब ऐसे बुनने लगा...
तेरी आहट का धोखा हुआ,
दिल न जाने कहाँ खो गया...
तू मिली भी नहीं थी अभी,
और तुझसे मुझे इश्क़ हुआ...
[Bridge]
ना तुमसे कहा, ना तुमने सुना,
फिर भी दिल तेरा होने लगा...
तू अजनबी थी, मगर यूँ लगा,
तू मेरी थी, बस पता न था... ❤️
[Final Hook]
क़सूर... बस इतना-सा था,
उसे देखा... और इश्क़ हुआ।
क़सूर... बस इतना-सा था,
दिल पहली दफ़ा यूँ बेवफ़ा हुआ।
ना दिल से पूछा, ना ख़ुद से कहा,
बस देखते ही ये दिल खो गया...
क़सूर... बस इतना-सा था,
एक चेहरा दिल को पसंद आ गया...
उसे देखा... और इश्क़ हुआ,
हाँ, उसे देखा... और इश्क़ हुआ!
उसे देखा... और इश्क़ हुआ,
हाँ, उसे देखा... और इश्क़ हुआ!
[Outro]
नज़र मिली, कुछ ऐसा हुआ,
दिल मेरा मुझसे जुदा हुआ...
क़सूर... बस इतना-सा था...
उसे देखा...
और इश्क़ हुआ... ❤️
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Last Updated
Oct 26, 2026