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Pehle Mukhchandra Dikha Karke

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Lyrics

[Verse 1]

पहले मुखचंद्र दिखा करके
फिर हाय, योग दिखाया है क्यों
चरणामृत स्वाद चख करके
विष का फिर प्याला पिलाया है क्यों
विष का फिर प्याला पिलाया है क्यों
विष का फिर प्याला पिलाया है क्यों

बस एक ही बार हँसा करके
बस एक ही बार हँसा करके
इस भाँति सदा रुलाया है क्यों
मन में जब मोह नहीं रखते
मनमोहन नाम धराया है क्यों
मनमोहन नाम धराया है क्यों
मनमोहन नाम धराया है क्यों

[Verse 2]

पहले अपने रंग में रंग करके
फिर मुझसे दूर चले जाते हो
नैनों में प्रेम बसा करके
फिर नैनों से नीर बहाते हो
फिर नैनों से नीर बहाते हो
फिर नैनों से नीर बहाते हो

जब तुम बिन कुछ भाता नहीं
फिर जग से मन को लगाया है क्यों
जब तुम ही प्राणों के आधार
तो विरह का दर्द दिया है क्यों
तो विरह का दर्द दिया है क्यों
तो विरह का दर्द दिया है क्यों

[Verse 3]

एक बार जो अपना कह दिया
फिर अपना बना के रखते क्यों नहीं
दिल में जो तुमको बसा लिया
तो दिल से कभी निकलते क्यों नहीं
तो दिल से कभी निकलते क्यों नहीं
तो दिल से कभी निकलते क्यों नहीं

तुम बिन ये साँसें बोझ सी हैं
फिर साँसों को चलाया है क्यों
जब तुम ही जीवन की आस बने
तो जीवन को यूँ तड़पाया है क्यों
तो जीवन को यूँ तड़पाया है क्यों
तो जीवन को यूँ तड़पाया है क्यों

[Verse 4]

ब्रज की गलियों में ढूँढूँ तुमको
यमुना तट जा कर पुकारूँ मैं
कदंब की छाँव में बैठ कर
हर पल तुम्हारा नाम पुकारूँ मैं
हर पल तुम्हारा नाम पुकारूँ मैं
हर पल तुम्हारा नाम पुकारूँ मैं

मनमोहन तुम बिन चैन नहीं
फिर चैन का नाम सिखाया है क्यों
जब प्रेम दिया है जीने का
तो प्रेम में इतना रुलाया है क्यों
तो प्रेम में इतना रुलाया है क्यों
तो प्रेम में इतना रुलाया है क्यों

[Verse 5]

इस जीवन के तुम जीवन हो
ब्रजचंद तुम्हें कैसे समझाएँ
दुःख होता बहुत है तुम्हारे बिना
इस प्रेम कथा को कहाँ तक गाएँ
प्रेम कथा को कहाँ तक गाएँ

तुमसे ही सुबह, तुमसे ही शाम
तुमसे ही दिल की हर एक बात
तुमसे ही जीना सीखा है
तुम बिन सूनी मेरी हर रात
तुम बिन सूनी मेरी हर रात
तुम बिन सूनी मेरी हर रात

[Outro]

पहले मुखचंद्र दिखा करके
फिर हाय, योग दिखाया है क्यों
चरणामृत स्वाद चख करके
विष का फिर प्याला पिलाया है क्यों
विष का फिर प्याला पिलाया है क्यों

इस जीवन के तुम जीवन हो
ब्रजचंद तुम्हें कैसे समझाएँ
दुःख होता बहुत है तुम्हारे बिना
इस प्रेम कथा को कहाँ तक गाएँ
प्रेम कथा को कहाँ तक गाएँ
प्रेम कथा को कहाँ तक गाएँ…


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Last Updated

Sep 22, 2026